इस गांव की लड़कीओ की शादी नहीं हो पा रही जाने क्या है वजह

ये बात हे मिराज पुर की, और ये हालात सिर्फ किसी एक घर के नही बल्कि की गाव के सभी घरो के हे | एसी ही एक कहानी रानी की हे , रिशेदारो के ज़रिये रानी की कई बार शादी तय करायी गयी लेकिन लडको वालो की बारात सिर्फ इसी वजह से घर न आ पाई क्यों की उनकी दिकत बन रहा था गाव आने का रास्ता इसी कारन रानी की ३ बार शादी टूट गयी हे इसी कारन रानी के माँ बाप बड़े परेशां रहते हे | सोचिये ये हालत पुरे गाव के पुरे गाव की बेटिय बिन बिहाई घर पर बेठी हे क्या गुज़र टी होंगी उन माँ बाप पर|
बात यह नही की रोड ख़राब हे या की रोड ही नही हे बल्कि कारन सुन कर  तो आपको यकीन  ही नही होंगा की २१ वी सदी में भी कुछ  एसा हो सकता हे | ३०० लोगो की आबादी वाले इस गाव पर पहुचने के रस्ते पर दबंगों का राज हे | बात दरसल ये हे की २०१४ से ही  गाव आने वाले इस रोड  पर इन दबंगों ने कब्ज़ा कर रखा ने| कई गाव वालो ने डीएम, एसडीएम, तहसीलदार से लेकर बीडीओ तक के दरवाजे पर फरियाद को लेकर दर्जनों बार गए लेकिन सिर्फ आश्वासन व कार्रवाई के लिए तारीख पर तारीख के सिवा कुछ नहीं मिला। गाव की कई माँओ ने अपनी बेटियो की शादी कारन ने का सोचा हे पर बास ये रोड ही उनके इस सपने का रोड़ा बन बता हे |विशुनपुर गांव की बेटियों के ब्याह में रोड पर कब्जा होने से जो रोड़ा खड़ा हुआ है,उसको लेकर प्रशासन को अब तक दर्जनों बार प्रार्थनापत्र ग्रामीण दे चुके हैं। गांव के प्रेम नारायन पाण्डेय बताते हैं गांव के दबंग राम चन्द्र और गुलाब चन्द्र प्रशासन में पकड़ के चलते रास्ते पर कब्जा कर लिए हैं, कई बार ग्रामीण प्रार्थनापत्र दे चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। ऐसा ही कहना है राजमणि, लालमणि, शेषमणि, हर्षमणि, चन्द्रमणि, आशुतोष, सरिता, कविता, चन्द्रकला का भी, इनके घर का भी रास्ता बंद है।
बात सिर्फ शादी की नही हे , गाव आने वाले रोड पर कब्ज़ा होने से गाव वालो को कई और भी समस्याओ से गुज़र न पढ़ रहा हे | क्या इतना कमज़ोर हे हमारा संविधान की कुछ १० – १२ लोगो की वजह से ३०० लोगो को इन हालातो से गुज़रना पद रहा हे |


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